चन्द्रयान २

#चन्द्रयान 2

मैलि सोचि कि घरवालि क दगड प्यार व्यार बहुत हैगो . आब उमर ले हैगे आब प्यार मोहब्बत क जाग पर कुछ ग्यान बिग्यानाक क फसक करी जाओ .  लेकिन मेरि बिती एक महान गलती है पडी . जो विषय में जानकारी नि भै उ पर कबै ले फसक नि करण चैनि . आब मी हिन्दी क विद्यार्थी साइंस तो कक्षा आठ तकै पढी भै .  मीलि शुरुआत करी कि देख धें रे हमर भारतैलि कदुक तरक्की करि हाली आज .. आदू रात  में हमर चन्द्रयान चन्द्रमा में उतरल . स्यैणि कूण लागि होय मेकें पत्त छ . मैलि ले अखबार में पढौ . पर एक बात बताओ तौ चन्द्रयान तो धरती बटी भौते पैल्ली बाट लाग गोछी बल . इदुक दिनन बाद किलै पुजणौ .
मैलि तौ - दूर छ बल चन्द्रमा भौते .
स्यैणि कूण लागि - दै बज्जर हाई तुमरि अकल .. दूर कां बटी छ . हमार पाख् ( छत ) बटी साफ देखी रूं .
आब मेरि अकल चकरै गे . मैलि सोचि यो बात तो ठीकै कुणै . पाख बटी तो नजीकै जस चिताई रूं. तदुक टैम किलै लाग हुन्योल . आब स्यैणि कैं के न के तो जवाब दिणै छी .
मैलि कौ - यार चन्द्रयान बाट पन कती चहा पाणि पीणा लिजी या खांण खांणा लिजी रुक गे हुन्योल . जसिके हम जब हरिद्वार बटी घर जानू तो जसपुर पन , भवालि पन या ताकुल बागसेर पना नि रुकना तसै भै . बाट पन भूक तो लागनेरै भै .
स्यैणि लि फिर पुछ - चन्द्रमा बाटपन होटल ले हूनी के .
मैलि कौ - हाय .. कस अनपढनाक चारी बात करनैछै .. अन्तरिक्ष स्टेशन नाम नि सुण राखै त्वीलि . सब भै वां .. जब स्टेटेशन भै तो चहा पाणि चिप्स नमकीन कुरकुरे क दुकान ले हुन्याल ..
स्यैणि कुछ सन्तुष्ट भै . लेकिन फिर ले वीलि फसक अघिल बढै . - सुणो . जब चन्द्रयान आसमान में गो तो टी बी में बतूणछी कि आज चन्द्रयान चन्द्रमा कि कक्षा चार में पुजि गो . आज कक्षा तीन में .. तौ कसि कक्षा भै .
मैलि कौ - यार तबै कौछी पढण लिखण जीवन मे जरूरी छ कैबेर .  ब्या दिन पुछौ तो तेर बाबू लि बता कि ब्योलि हाईस्कूल पास छ कैबेर पछिल पत्त चलौ कि त्वीलि  तो दर्जा आठ बटी अघिल कै खुटै नि सरकै दि बल .
स्यैणि तो ताक में जसि बैठी हुन भै कूण लागि - ब्या दिन कि बातै नि करो .. तुमार बाबू ले बर बिजनस करौं कौ .. बाद में पत्त चलौ कि तुम ले केमू गाडि में मूंमफलि बेचछा कैबेर .. सफर क टैमपास दस रुपैं दस रुपैं ... मेर मूख नि खुलवाया .
आब मी धक्क रै गेयूं .. खाप जसि सुकि गे . डायरैक्ट इज्जत पर ढ्योस लगै हाल स्यैणिलि .
स्यैणि कूण लागि - बाकि छोडो .. उ कक्षा कि भै बताओ नै .
मैलि कौ - यार चन्द्रमा आपुण यां उसिकै ज कि उण देलि के ले चीज .  भली के पढी लेखी वालै जै सकनी . फिर ले वां क पढाई हिसाबलि कक्षा चार पांच क पेपर दिलून हुन्यान फिर जब पास हुन्याल तबै उतरण दिण हुन्याल सतह पर .. तै भै कक्षा में प्रवेश .
आब मेके लागण बैठ प्रश्न अघिल कै गम्भीर है सकनी तो मैलि कौय ..आज अधरात में चन्द्रयान चन्द्रमा सतह पर पुजल . टी वी में देखाल बल . सब चीज देखि लिये .
स्यैणि कूण लागि - ना हो भोल रत्ते जल्दी उठण छ . अधरात तक को रौल उनित .. एक बात बताओ .. जब तनन उतरणै छी तो रात में किलै उतरण लागि रै हुन्याल . दिन में ले कि करि सकछी लैन्डिंग .
मैलि कौ - त्वेकैं समझूण तो डांसि ढूंग में मुनव फोडन भै . अरे पगली .. चन्द्रमा दिन में कां निकलौ .. रात में निकलेर भै .. दिन में कसिक उतरछी .
स्यैणि बिचारि समझि गे शैद . वीलि सहमति में खोर हलकाय . और कूण लागि - होय हो ठीक कूणौछा .. मेर तो तौ चीज में ध्यानै नि गे .. मानि गेयूं .. बैग क दिमाग बैग कै हुनेर भै ..
बस तदुक सुणते ही मेरि छाति चौडि हैगे ..   जिन्दगी में पैल बखत आपुण पीठ आफि ठोकण जसि लागि
#विनोद पन्त #खन्तोली

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