राधे माँ

दिन भर काम करिबेर वापस आयूं तो घरवालि लि आलू मुलक थेच्चू छां हाली साग पकाई भै . वीक दगाड रवाट भाय चार क्वाश हरीं खुश्याणी ले मेरि थालि में धरि दी . मैलि लौद फुटण तक खाय . आब नींन लागण बैठ गे . बिस्तर में लफाई जस गेयूं .
थ्वाड देर में देखूं तो एक लाल  चटक कपड पैरी एक स्यैणी मेर कमर में ऐ गे . बाल खुली भाय . होठ लाल लाल मूख गोर फनार जस . अचानक मूख लै आयी तो मूख बटी ओईज्या कैबेर किकाट जस निकल गे . डरैलि हाथ खुट कामि ग्याय . गल सुकि गोय .. मैलि घरवाई कैं धात लगूण चाय तो गल बुजी जस गोय .पसीणांक नाव् जास छुटि ग्याय .मैलि डरते डरते पूछ ..को छै तु .. यां कि करनैछी ... मन मनै म्यार जय हनुमान ग्यान गुण सागर क पाठ ले चलि भै .
उ स्यैणि कूण लागि - किलै मेकैं नि पछ्याण मैं राधे मां छ्यूं ..
मैलि कौय - मेर रूम में किलै आछी .. अगर मेरि घरवाईल देख हाल त्वेकैं तो  तेर झाकौर उचेडी बेर त्यार ख्वार आग हालि देलि और मेर ले निरूण कर देलि घर में .. तसीके देलि द्वारन किलै घूमण लागि रैछी ..  जा यां बटी .
राधे मां - अरे त्वेकैं दर्शन दिणा लिजी ऐ रयूं .
मैं - बज्जर पड जाल तेर दर्शन .. और जरा धीरे बात कर .. मेर दगाड मेरि भौ ले पडि रै .. त्वेकें देखली यो अधरात में तो यकैं तरास लागि जाल .. जरा आरसी में चा धें .. भालू क जास झुपार त्यार बाल हैरीन .  हौठ यदुक लाल बणै राखन त्वील यस लागणौ ढडु अल्लै मुस खैबेर ऐरौ हुन्योल . और बाबाहो मूख में तदुक कि चुपडबेर ऐ रैछी कमेट जस .. तू स्यैणि नै  खडीकैकि बोटकि चुडैल जस लागणछी ... स्यैणीक जनमैणि ऐ रैछी तो भली कैबेर स्येणिनैकि चारी किलै नै रूनी .
राधे मां - अरे त्यार समझ में नि आ .. यो मेर गैटअप छ .. मी राधे मां छ्यूं .. राधे मां ..
मैंलि कौय - ढुंग में रैजाये तु मां .. तेर जस मां हुण हैबेर तो नानतिनक छोर मुया हुण ठीक भै ..
राधे मां - इदुक देर हैगे मेछें बैठणा लिजी ले नि कूण लागि रये
मैलि कौ - मैं किलै बैठू तु चलकू बलकू रनै ढ्वाल कैं .. त्वीलि मेकें दिल्ली पुलिसक इन्सपेक्टर समझ राखौ कि ..?? चल फूट यां बटी ..
राधे मां - ओहो .   ..  तु तो बड रूख आदिम छै .. (और क्याप इशार जास करण बैठ गे और आय लव यू भक्तो जस कूण बैठ गे )
बस तब तक पाल कमर बटी पत्त नै मेरि घरवालि ले पुजि गे .. आते ही तीन चार बेलण मेर पीठ में जमै दी .. पीठ में चडमताव पडि गे .. मैंलि घरवालिक खुट पकड दी और कूण लाग्यू -
ना ना मैलि के नि कर .. तौ ढ्वाल जबरदस्ती ऐरै ... मै तो तकैं पछाणन ले नहात्यूं ... मैलि के नि क र .. मैलि के नि कर ... मेकें माफ कर दि .. मैलि के नि कर ..
तब तक स्यैणी मेकें घजबजूण लागि भै ... यो के बडबडाट करण लागि रौछा ... के हैगो ... कैछै मागण लागि रौछा माफि .... ???  के गलत स्वैण देखि हालौ कि .. .  लिओ मेर फोटो सिरान डालबेर पडि जाओ ... डर भर झसक .. छल छिद्र के नि लागल ..... 
( मैलि सिरान  पास टेबल बटी पाणी बोतल निकालि बेर द्वि घूंट मार और फिर नींद निकालण कि कोशिस करण लागि गेयू ... )

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