कटप्पा लि बाहुबली कैं क्यै मारौ

हरदौलवाणी में प्रकाशित मेरा व्यंग .
रचना को पत्रिका में स्थान देने के लिए   आदरणीय Devi Prasad Gupta जी एवं ललित शौर्य ( साहित्यिक सम्पादक ) जी का आभार .
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भगवान बिष्णु श्रीरसागर में शेषसैय्या में विराजमान हैरेई . माता लक्ष्मी उनार खुटाणी बैठि रै . अचानक पृथ्वीलोक में हाकाहाक सुणिबेर प्रभु माता लक्ष्मी छैं कूण लागि रयी -
कमला .. ओ कमला ..
लक्ष्मी - कि कूण लागि रौछा स्वामी ?
प्रभू - जरा यां आ और बात सुण ..
लक्ष्मी - होय कओ कि कूण लागि रौछा ?
प्रभू - तसिके खुटाणि किलै बैठ रछी . यां आ म्यार बराबर में बैठ . देख धैं जमान् कां पुजि गो . आब स्यैणी बैग बराबर छन . तू किलै खुटाणि बैठछी . मेकै ठीक नि लागन . मैं ले पुरुष और नारी क बराबरी क पक्षधर छ्यू .
लक्ष्मी - तस के बात नहांति प्रभू . यां बटी समुद्रक सीन बड भल देखी और तुमार दगाड बैठ बेर आजकल गरमी लागड लागैं तुमर तौ शेषनाग जब फुंकार मारौं तो गरम हाव चलण बैठ जां .. उसीकै जेठा म्हैणा क घाम भै आजकल .
प्रभु - अच्छा अच्छा . जरा नारद कैं फोन लगा धैं . धरती बटी नारायण नारायण करण लागि रौ . यां नि आय बहुत दिन बटी . के नयीं समाचार ले नि लै रय आजकल .
( माता लि नारद कैं फोन लगा . पर घण्टी जाते रै नारद ज्यू लि फोन नि उठै . तब माता लि नारद ज्यू कें ह्वट्सऐप में मैसेज छोड दे कि प्रभु बुलूण लागि रयीं . तुरन्त आ )
एकाद घण्ट बाद नारद ज्यू क्षीरसागर में प्रकट हैगेई . दोफरी टैम छी . प्रभु और माता लक्ष्मी भोजन करि बाद कुछ विश्राम करण लागि रौछी .. तब उनार कान में नारायण नारायण आवाज ऐ .
नारद - पैलाग प्रभू .
पैलाग माता .
प्रभु - आयुष्मान नारद . भल हैरौछै . और बता पृथ्वी लोकाक कि हाल छन . और कुछ कोलाहल जस सुणीण लागि रौ . कि बात हैगे .
नारद - मी तो ठीक छ्यू प्रभू . भारत में ले सब ठीक छ .
प्रभु - पैं उ कोलाहल क्याक हैरौ .
नारद - अरे प्रभू उ तुमन पत्त नि चल के . भारतैकि एक महान समस्या क समाधान हैगो ..
प्रभु - कि बात कश्मीर समस्या सुलझ गे
नारद - नै नै ऊ ...( प्रभू बीच में बात काटते हुए ) तो नक्सली समस्या क समाधान हैगो ??
नारद - ना हो नक्सली समाधान कां बटी होल उ तो बाकि जै ..
प्रभु - तो पत्त लागि गोछै कि ई वी एम मसीन हैक है सकैं या नै ?
नारद - प्रभु तौ बेसिर पैर कि बात ....
प्रभु - तो कि भारतीय सैनिकनाक कैम्प पर टैररिस्ट अटैक बन्द हैगो कि ?
नारद - नै प्रभू पैलि पुरी बात तो सुणो . तो जो समस्या तुम गिणूण लागि रौछा तौ ले कोई समस्या भै के ? तौ मामूली बातना लिजी निंदा महामृत्युंजय मन्त्र और छप्पन ईंचीं समस्या निवारक यन्त्र बहुत भै .
बाबा नरेन्द्रानन्द ज्यू आजकल तौ छप्पन ईंची यन्त्र कैं सिद्ध करण में लागि रयी . जदिन सिद्ध हैजाल उदिन सब ठीक हैजाल .
प्रभु - पैं तू को समस्या समाधान कूण लागि रौछै .
नारद - प्रभू ! कटप्पा लि बाहुबली कैं किलै मारौ कैबेर पत्त लागि गो . देशाक नौजवान युवा महिला बुजुर्ग जो यो बाता लिजी परेशान छी कि कटप्पा लि बाहुबली कैं किलै मारौ ? उनार कल्ज में ठन्ड पडि गो . यो रहस्य कैं जाणना लिजी मल्टीप्लैक्स नाक भ्यैर बटी तीन किलोमीटर तक लाईन लागि रयीं . जनन कैं नोटबन्दी दौरान सौ मीटर लाइन में ले रिंगै लागण लागि रैछी उनर जज्बा देखो तीन किलोमीटर तक ले चूं नै करण लागि राय . बुडी बडी स्यैणी ले मल्टीप्लैक्साक भीड में सैल्फी लिण लागि रयी . सुणण मैं ऐरौ कि फिल्म एक हजार करोड रुपैं कमाई करैलि बल .
प्रभु - बाबाहो एक हजार करोड में तो कतु गौं बस जान और कतु उचक्क लोगनक भल है जान .
नारद - प्रभु उचक्क लोगनक चिन्ता नि करो . उनर भल उसीकै है रौ आजकल .
( माता लक्ष्मी बीच में )
पैं नारद किलै मारौ बल कटप्पा लि बाहुबली कैं ..?
नारद - माता तस सवाल नि पुछो . अगर मैलि बतै हाल तो तुमर पिक्चर देखणक मज खराब हैजाल . तुमार लिजी द्वि टिकट लै रयूं . भेष बदलबेर जाओ प्रभू दगाड और देखबेर आओ .
नारायण ... नारायण ..
( विनोद पन्त )

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