कुत्ता
किसी कवि ने कहा था कि मनुष्य होना भाग्य है और कवि होना सौभाग्य . पर मुझे लगता है आज की परिस्थितियों में कहावत कुछ यूं होनी चाहिये - मनुष्य होना भाग्य है और कुत्ता होना सौभाग्य . . आज हालत ये हो गयी है कि आप कुत्ते को कुत्ता नहीं कह सकते . कोई न कोई कुत्ताधिकार आयोग वाला आप पर केस कर सकता है . बुद्धिजीवी आप के खिलाफ हो जाएगे . आपके बयान के आधार पर आप पर केस हो सकता है . कोई श्वान सेना आपके बिरोध में सडक और रेल बाधित कर सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचा सकती है . दो चार दिन टी वी पर आपके बयान को लेकर कुत्तावादी और आदमीवादी लोग गुत्थमगुत्थी करते नजर आ सकते हैं . हो सकता है संसद का कामकाज प्रभावित हो जाय .कुछ लोग कुत्ते को हमारी सस्कृति से जोडते नजर आएगे . कुत्ता भैरो बाबा का वाहन है . हम सडक पर हो रहे कुत्तों के अत्याचार पर खामोश नहीं रहेंगे . कुछ कुत्ता रक्षक दल भी सक्रिय हो जाएगे . सोशल मीडिया पर कुत्तों पर अत्याचार के फोटो वायरल होने लगेगे . वालीवुड दो खेमो में बट जाएगा .
हालांकि कुत्ते को कुत्ता अनादिकाल से बोला जाता है . पर आज स्थितियां भिन्न हैं . आप आदमी को कुत्ता कह सकते हैं पर कभी किसी कुत्ते को आदमी नहीं कहा होगा . कुत्ते को कुत्ता ही कहा जाता है ये उसका विशेषाधिकार रहा है ..
कुछ कुत्तों की किस्मत देखिये साहब . अचानक से आम कुत्ते से खास कुत्ते बन जाते हैं . एसी गाडी बंगला मिल जाता है . जलन होती है जब हमारे बीच का कुत्ता अचानक वी आई पी हो जाय .हमारा खास बनाया कुत्ता हम ही पर भौकने लगता है . काटता है और तो और हमें कीडा मकोडा समझता है .
कहते हैं हर कुत्ते का दिन जरूर आता है . पर कुछ कुत्ते अपना वो खास दिन आने पर अपने पुराने दिन भूल जाते हैं . कुछ कुत्ते पागल भी हो जाते हैं अन्धाधुन्ध काटने लगते हैं . फिर कुछ पागल कुत्तों को पिजडे में भी जाना पडता है . ऐसा हालांकि यदा कदा ही होता है .
अंत में मैं तो यही कामना करता हूं कि अमन चैन रहे , आपस में जबरदस्ती ही सही कुत्ताचारा कायम रहे .... आमीन
हालांकि कुत्ते को कुत्ता अनादिकाल से बोला जाता है . पर आज स्थितियां भिन्न हैं . आप आदमी को कुत्ता कह सकते हैं पर कभी किसी कुत्ते को आदमी नहीं कहा होगा . कुत्ते को कुत्ता ही कहा जाता है ये उसका विशेषाधिकार रहा है ..
कुछ कुत्तों की किस्मत देखिये साहब . अचानक से आम कुत्ते से खास कुत्ते बन जाते हैं . एसी गाडी बंगला मिल जाता है . जलन होती है जब हमारे बीच का कुत्ता अचानक वी आई पी हो जाय .हमारा खास बनाया कुत्ता हम ही पर भौकने लगता है . काटता है और तो और हमें कीडा मकोडा समझता है .
कहते हैं हर कुत्ते का दिन जरूर आता है . पर कुछ कुत्ते अपना वो खास दिन आने पर अपने पुराने दिन भूल जाते हैं . कुछ कुत्ते पागल भी हो जाते हैं अन्धाधुन्ध काटने लगते हैं . फिर कुछ पागल कुत्तों को पिजडे में भी जाना पडता है . ऐसा हालांकि यदा कदा ही होता है .
अंत में मैं तो यही कामना करता हूं कि अमन चैन रहे , आपस में जबरदस्ती ही सही कुत्ताचारा कायम रहे .... आमीन
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