खडक दा क क्रिसमस
खड़क दा कि घरवालि क जोरदार मन्त्र चलि भै .एक साल क ( चीड़ ) बुन्नी बाड़ में गैंठि बेर सजाकई भै .हजारीक फूलनैकि माल डाली भै .. मैल पुछ कि बात हो ठकुराणि ज्यू आज कि चलि रौ तौ पुज पाठ ....? और बिन बामणैकि कस पूज करनौछा ..? खडकदा घरवालि हरुलि जरा शरमैबेर कूण लागि - हाय कस बामण छा हो पड़ज्यु तुम .. आज किसमिस क त्यार छ बल . रत्तै बटी बर्त करि राखौ . आब पुज करण लागि रयु .. पुज है जालि तो तुमर घर ले प्रसादक केक भेजुल ..तब तक खड़क दा कूण लाग हरूलि किसमिस नै क्रिसमस कूनन यो त्यार कैं ..मी चाइयैं रै गेयु महाराज .. खड़क दा कि स्यैणिक आरती चलि भै .....ऊँ जय किसमिस देवा ...स्वामी जय किशमिस देवा .... हे भगवान सैन्टा क्लाज ज्यू .. सबन कैं भली मत्ति दिया .. अलबेर पप्पु क ब्या है जो .. भाल दिन जल्दी ऐ जान .. सबन छैं दैण हया द्याप्तो .. नैट पैक सस्त हैजौ .. महंगाई कम हैजौ नरैणा .. अघिल साल तुमार थान में यैहैबेर ले ठुल बोट गैठि बेर पांच किलो क केट काटून ....खड़क दा क सांकौक टुटाट पड़ि गे ...नानतिन नैलि जयकारा लगाय ... बोले क्रिसमस त्यार की जय .... बोलो सैन्टा बड़बाज्यू की जय..... जय हो .... बिनोद पन्त ....