बोज्यू नक कुकुर

आजतक मी समझछ्यूं कि कुकुर कुकुरै हूं . पर एक यस वाकया भो कि मेकैं कुकुरनाक बार में दिव्यग्यान है पडौ . दरअसल कुकुर उ नै हुन जनन कैं हम कुकुर समझनू .कुकुर उ ले है सकनी जनन कैं हम मैंस समझनू . असल में कूंछा तो  कुकुर तो हम लोग हुनू .
हमार पडौस में एक परिवार क पास ठुल्लो भाल् जस भोट्टि कुकुर भै . जब उ हुकनेर भै तो अगास पंताव  गजै दिनेर भै . यस लागनेर भै कैकैणी बुकाल जब तो भाल भाल मैंसनक एकै गास करौल . जब जिबड भ्यैर कै निकालनेर भै तो लाल जिबड बांजाक क्वैलनक डकार जस देखीने भै . हूंकण में जब वीक तीख्ख दांत भ्यैरकै देखीनेर भाय तो कल्ज कामण बैठ जानेर भै .  उ कुकुराक नजदीक जाण मल्लब आपुण दास् आफि खराब करण जस भै . पर के करछा आब पडौसक मामुल भै तो पडोसी नाक यां के न के काम पडते रूनेर भै . उनर कुकुर हमेशा खुली रूनेर भै . चुपचाप एक कुण लै पडी रूनेर भै . जब ले क्वे उनार यां गे तो सीद्द ऐबेर ख्वारन फटक मारनेर भै .
एक दिन उनार यां गेयूं तो कुकुरैलि हुकण शुरु करि दी . मैलि धात लगै - ओ बोज्यू जरा कुकुर पकडि दिओ . तुमार दगाड क्याप काम छ . बोज्यू कूण लाग - ऐ जाओ देवरा .. के नि करन खाल्ली हूकौं . जब तुम आला तो तुमन सुंघौल . कर ते नि .
मैलि कौ - कसि बात करनौछा . तौ तो फटक मारिबेर सीद्द कानि में खुट धरौं .
बोज्यू आपुणि लैटि पछिल कैं फरकै बेर हंसते हुए कूण बैठ . नै हाई .. काटों थोडी . तुमन कैं तो पछ्याणों . खेल करौं तुमार दगाड .
मैलि कौ - बोज्यू . फिर ले कुकरै भै . कि अन्ताज . ग्याज्ज करि देल तो मेर तो मेर एकै गास करौल . तुम तौ कुकुर कैं बादबेर धरी करो . तसिके कुकुर कैं खुल को धरनेर भै . कदिनै कैकैणी फाडि राखलौ तुमर लिजी ले आफत हैरौलि .
बोज्यू कूण लाग - दै देवरा . तुम ले डरपोक छा . तकैं कुकुर नै समझो . भौते समझदार छ .
मैलि कौय - कदुकै समझदार हो . भय तो जानवरै कुकुरै भै .
बोज्यू - नै देवरा तौ कुुकुर ज कि भै तौ तो आदिम भै आदिम .
बोज्यू लि कुकुर नि पकड तो नि पकड . दूरै बटी दंतपाटि देखूण भै ग्याय . मी ले वापस ऐ गेयूं .
चार पांच दिन बाद आजि एक जरूरी काम पडि गे . जाणैकि इच्छा नि भै . मरता क्या न करता डरते डरते गेयूं . ग्वैटन बटी आवाज लगै .
ओ बोज्यू ..ओ बोज्यू ..
तब तक कुकुरैलि हुकते हुकते तीन लोक चौद भुबन हलके हाल . मेरि परांणि कामि गे .
गल सुकि गे . सोचनेर भयूं जोरैलि आवाज लगूं - ओ बोज्यू आओ ..ऐ दि हालौ . पर गल बटी आवाजै नि निकलि . खाल्ली फ्यां... फ्यां जसि फूक निकलि गाल बटी .
दुसरि तरफ कुकुर लगातार हुकण में भै . उ तो भल भो कि बोज्यू नाक आँगण में एक गेट जस बणि भै . गेटाक एक तरफ मी बाकर जर मिमाट करण लागि रयूं तुसर तरब कुकुर हूकण लागि रई भै .
इदुक देर बटी कुकुर क हुकण आब कुछ कुछ म्यार समझ में ले उण बैठ गे .
मेकैं कुकुराक एक एक हाव भाव समझ में उण लागि गे .
कूकुर हूकते हुए कूणय - उल्लू पठ्ठा . साला , रनकारा , अगर मैसक च्योल छै तो गेट बटी भितर कै आ . काच मुल जस बुकै द्यूल . पैलि बखत आछै तो मेर क्वीड करनौछिये मेरि गुस्याणि छैं . मेर खिलाफ भडकूण लागि रौछिये .
मैलि लगभग हाथ जोडि दी और कुकर छै कौय - नै नै .. उ मी नि छ्यूं . .. क्वे दुसर हुन्योल . यो देखो कुकुर ज्यू मील काव बुकसट पैरि राखौ उ दिन उ आसमानी बुकसट वाल छी . .. तुमन गलतफहमी हैरै .
कुकुर आब खुटनैलि माट् खौडन भैगे . अणकसै ढंगैलि गुर्र्र्र्र्र्र्र करण लाग .
कूण बैठ - रनतारा  त्वी छिये . मी कुकुर छ्यू गधा नहांत्यूं . तेरि शकल तो मी सात जनम तक नि भुलूं . उसके ले हम कुकुर लोग. तुम मैसनाक चारी भल नक करी भुलन नहांतियां . मेकें पकड कुडौंछिये . मेकैं बादि बेर धरो कूण लागि रौछिये .
मैलि आब गिडगिडाट कर - मजाक करनौछ्यूं हो . तुमरि गुस्याणि मेर भौजि लागनन उनार दगाड मेर मजाक रिश्त भै . साच्ची कुडयू . भगवान कसम .
कुकुरैलि ग्वाक्कि करि - कूण लाग .. मैसीच्याला . झुठि बुलाण तो क्वे तुमन छैं सीखो . हम कुकुरनैलि तुमर कि बिगाडौ . जब ले कैकैणी गालि दिण भै तो हमन कैं बीच में लूंछा . अरे हम सबसे वफफादार हुनू . तुम मैसना चार जो थालि में खानू उमें छेद नि करना .
मैलि कौ - बात सही छ तुमरि . पर सब मैंस एकनसै नि हुन .
कुकुर कूण लाग - तुम सब एकनसै हुंछा . जब जरवत भै तो कुकुर कैं ले बाब बणै लिंछा और काम निकल गे तो बाब कैं ले कुकुर बणूण में देर नि लगुना . रुक तु मैसीच्याला आज गेट खुलण दी . त्यार गणु जै नि चबाया मील ....
आब मेरि थुरुडि कामि गे . मैलि सब भगवान दगडै याद करि दी . हे भगवान आज यो कुकुर छैं बटी बचि जूल तो तुमार थान में ऐबेर एक चाँदी क कुकर सुनैकि झाव करिबेर चढून .
शैद उ कुकुर क्वे अन्तर्यामी हुन भो . वीलि मेरि मनैकि बात ले सुण ले . कूण लाग -
देखै है नै त्वीलि आपुण मैसै कि जात . करि हाली नै मैस्योई वालि फसक . ऐल तेरि जान फंसि रै फिर ले भगवान कैं ध्वाक दिणैकि योजना बणूण लागि रौछै . चांदी क कुकुर में सुनैकि झाव ... ??
आब मेरि भाष् बदली गे . मेरि बिती  लुता कुकुरै चारी क्याँ ..  क्याँ हुण भैगे .
कुकुर मेकैं देखिबेर आपुण जिबड लपलपूण बैठ गोय .
मेकैं आपुण यो जनमाक क्वे पुण्य करी याद तो नि आय पर शैद पैलि जनम मैं के भलाई करी हुनेलि अचानक भीतर बटी बोज्यू देखी ग्याय . दूरै बटी क्याप उनैलि कौय यां बटी मैलि ले क्याप कौय पर एक दुसारै कि बात हमैलि सुणी नि किलै कि कुकुर हूकते हुकते धरती चीरण में लागि भै .
मैलि हाथ जोडिबेर बोज्यून कैं पास बुलाय . बोज्यू  बाल छटकून छटकूनै म्यारै कुकुराकै नजदीक पुज ग्याय .
बोज्यू शैद नै ध्वे बेर ऐ रैछी . भौते सुन्दर देखी रई भाय .  एक बार तो उनन कैं देखी बेर यसि भयानक परिस्थिति में ले मेर भीतरक मैंस चेतन है गोय . मैलि कौय क्याप जसि लागणछा बोज्यू .
कुकुर मेरि भावना समझ गोय . वील शैद मनै मन कौय - मैसा .. तेरि जाति पडि जौ बजर .
तब तक बोज्यू कूण लाग ..आओ देवरा .. आज कसिके बाट् भोबरींणछा ..??
मैलि कूण चाय कि बोज्यू कुकुर पकड दिओ पर मेकैं बोज्यूनैकि पैलि दिनै कि बात याद ऐगे (,तौ तुकुर नहां मैंस छ आदिम समझो तकैं )
मैलि आपु खाप सभालते हुए कौय - अरे बोज्यू पैली तौ आपुण आदिम कैं पकडो .. फिर होलि फसक फराव ..
हे भगवान तदुक खाप बटी बचन छुटते ही बोज्यू क मूख तमतमै गे . चौमासी गाड गध्यार जस उरी ग्याय बोज्यू .. चारों तरफ बजर पडियोंक जस घडम चडम करण लागि ग्याय बोज्यू .
मैक्यूण लागि ग्याय . बदतमीज रना तुम .. मेर आदिम किलै हूं ..  खाप कैं काबू में धरी करो . कुकुर पकडो नि कै सकना .... तुमर अलसाण .. तुमर फलसाँण ...
मेकें के कूणै नि आय . आपुण जस मूख लिबेर वापस बाट् लागि गेयू .. के गलती भै कैबेर आजि तक समझ में नि ऐ .

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