लाहौर यात्रा भाग २

(गतांक से आगे )
आब मोदी ज्यू और नवाज घर पुज । फटाफट नवाजैकि
स्यैणि पालभितर जैबेर कूण लागि - हला फरीदै ईजा
एक छिट दूदौक दि हाल । भारत बटी मोदी
लाल ऐ
रई । ढन्ड्याव मेँ सांकल लगूण भूलि गेयू आघाण
बिरालुल दूद जुठ्यै हालौ ।
तब तक मोदी ज्यू ले भीतर बैठ गे । जेब
बटी बिलैतमिठै
क पैकेट निकाल बेर एक ठुल ठुल जस नानतिन कैँ दिबेर
कूण लाग ले पोथी टौफि खा और सबन बाटिबेर
खाये ।
चाहा पाणि पीबेर मोदी ज्यू मैलि ढई मेँ ग्याय
वां
नवाजैकि इज पङि भै । तैलि बटी पराल बिछाइ भै ।
वीक मैलिबटी एक फौजी कामव
बिछैबेर आम पङाई भै
। मोदी ज्यू लि आमा नमस्कार कैबेर खुटनमेँ हाथ
लगाय । दीर्घै ईजा । को छ मैल नै पछाण । आख ले नै
देखनयू । कूण लागि आम । नवाज बलाण तब तक - ईजा
यो मोद्दि छ । भारत बटी ऐ रौ । पोरसाल शाँल भेज
राखछी । याद उङैछी । आमैलि
मोदी ज्यू कैँ अंगाव
हालबेर खोर मलासण बैठ गे
अरे ईजा मोदिया । भल छै ईजा तू । आज कसिके आये तू
। कभै बटी बाट चै रछयू तेर । मरण है पैलि एक बार
त्वेकैँ
देखि हालछयू कै हैरैछी । भल करौ त्वील
ऐ गोछै । आब
मरी ले जूलो के दुख नै ।
मोदी - तस किलै कूण लागि रछी
काखी ।
नवाजै ईज कूण लागि - इजा पोरबेर एक शाँल भेजो
त्वील उ मील वार जाणै तैँ
भीतेरी बङै राखौ । अलबेर
एक मोटि मोटि जसि पंखी भेज दिये पोथी ।
लिहाफाक भीतर ढगी रुल । तात जस ऐ
जाली
तब तक बीचा कमर बटी धात लागि गे -
आओ भात
पाकि गो हाथ खुट ध्वे लाओ और धोति पैरो ।
मोदी ज्यू कूण लाग यार नवाज म्योर झोल
गाङी मेँ
रैगो । थोति ले वी मणी छ आब कि करु ?
मेर तैँ चार
रवाट चोख थेचि दिओ कैदै । भांग क लूण दगै ले नेई ल्यून

नवाज - नै यार कसि बात करनौछा । मेरी धोति छ
वीकै पैरौ । बिना भात खाइयै ज कि जाण दयूल । तुम
रोज रोज जि कि ऊंछा । ऐल तो तुमन केँ मी छुटि
पाई जस चितूण लागि रयू ।
आहा नवाजै स्यैणिली पालंग क काप . थेचि मूलक
झोली . मांसैकि खैङि दाल वीमैँ जम्बू धुंगारक
छौक
डालि भै । जमाई चावलनौक भात । अलसि कि खट्टै
बङाई भै । अटाइ मेँ चौख मेँ बैठि गे द्विये जाणी ।
बीच बीच मेँ फसक फराल ले चालू हैगे ।
मोदी - यार नवाज त्यार नानतिन भोते उचाक
हैगेयी । जरा समझूने किलै नै । हमार उज्याण अत्ति
पटाखा फोङनयी । कदिनै म्यार हाथ पङला तो
गोठ्यै दयूल और द्विचार स्वाट ले लगै दयूल । फिर नै
कये ।
नवाज - कि करु हो तौ रनकारनैकि संगतै भलि नहाँ ।
कुकुरिच्याल मेर ले गल पकङन बैठ गेयी । धो ज्यान
बचूण हैरे ।
(बीच मेँ स्यैणि छै - दाल खित मोदी ज्यू
नाक थालि
मेँ ... मोदी ज्यू छै - लूण कम तो नै हैरौय )
मोदी ज्यू - नै नै ठीक हैरौ । आब के नै
दिया हो मेकैँ ।
पेट भरी गो । कटांस हुण बराबर खै हालौ । भौतै
सवाद लागौ ।
तब तक नवाजैकि नातिणी ले ऐ गे । वील
मोदी ज्यु छैँ
पैलाग कोय ।
मोदी ज्यू - अरे बची रये
नातीणी त्योरै छै ब्या ?
नातिणी- होय ।
मोदी नवाज छै - यार आब हिटू । देर हुणै । फिर घर
जैबेर एक जनम्बार मेँ ले जाण छ । अरे जनम्बार कूण मेँ
याद आ आज तेर ले जनम्बार छ बल । बधै भै ।
नवाज - नै अगर पटन छ तो आज यैँ रै जाना ।
मोदी - नै यार आब फिर उन कदिनै फिर मस्त फसक
मारुल ।
नवाज - बाटै तैँ चार रवाट और आलू गुटुक बङवै दयू पैँ ?
मोदी - नै नै खाली तकलीफ
क्यै करछै । आब तो घन्ट
द्वियेकक बाट भै ।
अच्छा पैँ नमस्कार ।
नमस्कार ।

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