लाहौर यात्रा भाग १
लाहौर यात्रा ............भाग - 1
मोदी ज्यू काबुल बटी गाङी मेँ बैठ । काबुल वालनैलि
नाश्ता मेँ गडेरिक स्याव उबालि बेर लासणक लूण
दगाङ खिलाइ भै बल रत्ते ब्याण । जाण बखत बाटपन
भूख लागैलि कै द्वि माण काजू क गुद ले धरि भै एक
रुमालाक गांठ मेँ । मोदी ज्यू लि काजू क गुद बाटै खै
हाल । आब गाङी पाकिस्तान पुजि तो पेट मेँ
गुङमुङाट जस हुण बैठ । मोदी ज्यूलि ड्राइबर छैँ कौय
कि यार कति ढाबा ले गाङि रोकि दिये । तुम लोग
चाहा पाणि पि लिया और मी जरा लोटी लिबेर
कति झुताणि जस देखबेर हल्क ले है जूल ।
आब गाङि जसै लाहोर मेँ पुजि तो गाङी एक
अनुबन्धित ढाबा लै रुकि गे । भ्यैर आवाज लागण भैगे -
उत्तराखंड खटारा ट्रासंपोर्ट के अनुबन्धित जावेद
ढाबा मेँ आपका स्वागत है । जिन यात्रियोँ को आल
चाण रैत पकोङी खाना हो नीचे आ जायेँ । गाङी
आधा घन्टा रुकेगी ।
मोदी ज्यू एक टीन क डाब पकङिबेर कान मेँ जन्यो
हालबेर झुताणि बैठ ग्याय । थोङी देर मेँ झुताणि
बटी ठूं ठुस्स जस आवाज उण भैगे ।
बाकि यात्री आल चाण खाण लागि ग्याय ।
आब मोदी ज्यू जरा हल्क है गे । उनैलि ले एक चाहा
और बन्द खाय । तब तक सामैणि बटी नवाज ऐ गोय ।
नवाज मोदी ज्यू नमस्कार पुरस्कार भै ।
नवाज - अरे मोद्दा आज बाट कसिके भबरि गेया ?
मोद्दा - अरे यार काबुल मेँ एक घरपैँस ( ग् ह प्रवेश )
करण जै रैछ्यू । वापसी मेँ जरा पेट मेँ .. म्योर मतलब
तेरि याद ऐ तो गाङी रोके बेर त्वेकैणी चाण लागि
रौ छी ।
नवाज - पैँ फोन करि दिना । आब ऐ गेछा तो घर
हिटो । मेरी इज दगै ले भेट करि आला । जब बटी
तुमैलि शाँल भेजौ हर बखत मोद्दी मोद्दी करैँ । आब
बुङियै भै । कदिनै मर जालि फिर तुमार कल्ज मेँ ले
काटन रौल भेट नै भै कैबेर । और मेरि नातिणी ब्या ले
छ ।
मोदी - कस मैस भये यार तु त्वील न्यूत पौत ले नै कर ।
मी के दैज वैज नै लायू ।
नवाज - के बात नि भै हो । तुम लिफाप दि दिया ।
घरैकि बात भै ।
आब मोदी ज्यू और नवाज घर जाणैतेँ रिक्श मेँ बैठ गे ।
मोदी ज्यू लि रिक्श वाल छैँ कोय कति क्यालनैकि
ठेली लै रोकि दिये यार एक दर्जन क्याव लिण छन ।..
अगले अंक में जारी
मोदी ज्यू काबुल बटी गाङी मेँ बैठ । काबुल वालनैलि
नाश्ता मेँ गडेरिक स्याव उबालि बेर लासणक लूण
दगाङ खिलाइ भै बल रत्ते ब्याण । जाण बखत बाटपन
भूख लागैलि कै द्वि माण काजू क गुद ले धरि भै एक
रुमालाक गांठ मेँ । मोदी ज्यू लि काजू क गुद बाटै खै
हाल । आब गाङी पाकिस्तान पुजि तो पेट मेँ
गुङमुङाट जस हुण बैठ । मोदी ज्यूलि ड्राइबर छैँ कौय
कि यार कति ढाबा ले गाङि रोकि दिये । तुम लोग
चाहा पाणि पि लिया और मी जरा लोटी लिबेर
कति झुताणि जस देखबेर हल्क ले है जूल ।
आब गाङि जसै लाहोर मेँ पुजि तो गाङी एक
अनुबन्धित ढाबा लै रुकि गे । भ्यैर आवाज लागण भैगे -
उत्तराखंड खटारा ट्रासंपोर्ट के अनुबन्धित जावेद
ढाबा मेँ आपका स्वागत है । जिन यात्रियोँ को आल
चाण रैत पकोङी खाना हो नीचे आ जायेँ । गाङी
आधा घन्टा रुकेगी ।
मोदी ज्यू एक टीन क डाब पकङिबेर कान मेँ जन्यो
हालबेर झुताणि बैठ ग्याय । थोङी देर मेँ झुताणि
बटी ठूं ठुस्स जस आवाज उण भैगे ।
बाकि यात्री आल चाण खाण लागि ग्याय ।
आब मोदी ज्यू जरा हल्क है गे । उनैलि ले एक चाहा
और बन्द खाय । तब तक सामैणि बटी नवाज ऐ गोय ।
नवाज मोदी ज्यू नमस्कार पुरस्कार भै ।
नवाज - अरे मोद्दा आज बाट कसिके भबरि गेया ?
मोद्दा - अरे यार काबुल मेँ एक घरपैँस ( ग् ह प्रवेश )
करण जै रैछ्यू । वापसी मेँ जरा पेट मेँ .. म्योर मतलब
तेरि याद ऐ तो गाङी रोके बेर त्वेकैणी चाण लागि
रौ छी ।
नवाज - पैँ फोन करि दिना । आब ऐ गेछा तो घर
हिटो । मेरी इज दगै ले भेट करि आला । जब बटी
तुमैलि शाँल भेजौ हर बखत मोद्दी मोद्दी करैँ । आब
बुङियै भै । कदिनै मर जालि फिर तुमार कल्ज मेँ ले
काटन रौल भेट नै भै कैबेर । और मेरि नातिणी ब्या ले
छ ।
मोदी - कस मैस भये यार तु त्वील न्यूत पौत ले नै कर ।
मी के दैज वैज नै लायू ।
नवाज - के बात नि भै हो । तुम लिफाप दि दिया ।
घरैकि बात भै ।
आब मोदी ज्यू और नवाज घर जाणैतेँ रिक्श मेँ बैठ गे ।
मोदी ज्यू लि रिक्श वाल छैँ कोय कति क्यालनैकि
ठेली लै रोकि दिये यार एक दर्जन क्याव लिण छन ।..
अगले अंक में जारी
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