रावण
अचानक रावण ज्यू मिल गये .-
मैलि पछाण हाल . बिलकुल वी पुराण गेटअप में दस ख्वार बीस हाथ . भयंकर डील डौल . मेकें देखते ही हा हा हा हा हा हा हा करण बैठ गे . बाबाहो मेकें तो तरास जस लागि गे . आवाज इतुक गर्जना वालि भै कि कान टोव जसि पडि गे . जरा मी सामान्य भयूं तो मैलि कोय -
बुबू पैलाग .
रावण - को छै रे तू ...? और मैं तेर बुब कसिके भयूं रे . मेर तो खानदान रामचन्द्र ज्यू लि मारि हालछी .
मैलि कौ - हाय , कसि बात करनौछा .. तुम ले बामण मैं ले बामण . यो रिश्तैलि तुम म्यार बडबाज्यू हैगेया .
रावण - (गुस्स में ऐबेर ) - कां तु डेढ हड्डी क कां मी डील डौल वाल . कां तुम लिन् बामण और कां मी वेद शास्त्रनक पारंगत प्रकांड पडित .. कां जोडनछै रे मेर दगाड रिश्त ...त्वकें एक सकल्प करूण ले भलिके नि उन हुन्योल रनकारा . मील रावण संहिता जस ग्रन्थ रचि भै .. शिव तान्डव स्त्रोत क नाम सुणी राखछै नै . ? वीकि रचना मैलि करी . उ त्वेकैं शुद्ध पढण ले नि आ . मैं तो कवि ले छ्यूं .. कतु कला न में पारंगत .. मेर जस को भो यो ब्रह्माण्ड में .
मैलि कौ - उ .. कवि तो मैं ले छ्यू . तुमरि चारि मैं ले उच्च कुल में पैद हयी छ्यूं . मैं उच्चकुलीन ठुल धोति क बामण भयूं कुमायूं मण्डलक .
रावण - आब जतुक कवि छन सब मेर नाति थोडि है जाल .. और उच्च कुल में हैबेर त्वीलि कि करि राखौ अनोखै . तु पैद है पडी भये उच्च कुल में . त्योर के योगदान नै .
मैलि कौ - मैं ले तुमरि चारि भुटुवा लैग पीस कलेजी वगैरह सब पचकै जानू . कबै कबै द्वि चार पैग ले मारि ल्यूं . अगरेजी देसी जि मिल जाओ .. मतलब जछैं तुम सुरा या मदिरा कूंछा ..
रावण - यार तौ मांस मदिरा क चक्कर में तो मैॆ बरबाद भयीं . बामण कुल बटी सिद्द राक्षस कुल में ट्रांसफर है पडौ . मति भ्रष्ट भै सो अलग ... हां यो रिश्तैलि आब तु मेर नाति हैगये .. बामण हैबेर मी ले मांस मदिरा सेवन करछ्यूं और तु ले करछै .
मैंलि कौ - पैं मैं तुमन छैं बुबू कै सकूं ..
रावण - होय होय किलै नै ..
मैलि कौ - बुबू हम तुमन कैं हर साल मारनू और दशहरा मैदान में फुकि दिनू . तुम फिर ज्यून है जांछा कि बात .
रावण - हा हा हा हा हा . मेकें मारण तुमर बसक नहांति नाती .. मेकें मारणा लिजी भगवान कें पृथ्वी पर उण पडौ . अवतार लिण पडौ . इन्सान बणण पडौ .. तुम शैतान लोग मेकें कसिके मारला .. तुमन में तो मेर हैबेर ज्यादा अवगुण छन . मैं तो अत्याचार करछ्यूं तुम बलात्कार ले करछा . मेकें मारणा लिजी राम चैं . तुम राम कां बटी लाला ..तुमैलि तो रामचन्द्र ज्यू क कुड उधारि हालौ . उनन कें तिरपाल ढकै हालौ . रामचन्द्र ज्यू कैं कोर्ट कच्चहैरि में ठाड करि हालौ . उनर जन्म कां भो तुम तो यो ले भुलि गेछा .. नै नाति तुम मेकैं नै मार सकना .. मी तुमार भीतर पैठ रयूं .. कसिके मारला ..
मैलि कौ - तास फसक नि करो हो बुबू .. मेकैं डर लागणै .
रावण - बस अल्लै बटी डर गोछै .. आजि तो कलियुगक पैलै चरण छ .. अघिल अघिल कि होल सोचि ले .
मैं लि कौ - बस बस रूण दिओ हो ... मेर लैक के काम छ तो बताओ ..
रावण -ख्वारपीड हैगे जरा मेडिकल बटी एक डिस्प्रिनक पत्त लै दे .
(मैलि जेब बटी द्वि गोलि डिस्प्रिनाक निकालिबेर )
लिओ पाणी में छोई बेरि नेई लिओ .. अल्लै ठीक हैजालि ख्वारपीड . ज्यादा झन खाया द्वि गोलि हैबेर ...किडनी में असर करैं बल .
रावण - ( गुस्स में ) काणि चेला मेर दस ख्वारन में पीड हैरै पुर पत्त ला कूडयूं . फटाफट ला नतर तलवारैलि तेर ..
मैं - अरे किडनी तो एक्कै हनेलि . डैमेज हैजालि . तुम यस करो नवरत्न तेल चुपडो .. वीलि ठीक हैजालि . आयुर्वेदिक छ .
रावण - नवरत्न तेलैलि ठीक है जाले .. त्वील अजमा छै कबै .. त्यार भोछै ठीक . ??
मैं - नै हो म्यार तो नै भै ठीक . अमिताब बचन कूं टी बी में .. तबै कूण लागि रयूं .
रावण - बज्जर पडि जाल तेर तेल त्योर अमिताभ . त्योर डिस्प्रीन . मी आब सुशेन बैद्य छै मगूं दवाई ... तु तब तक मेकैं फुकणैं तैयारी कर .. करि ली आपुण मनैकि मनकैसि .. लेकिन याद धरिये . मी अघिल साल आजि उल ....
हा हा हा हा हा हा .. अहं ब्रह्मास्मि .. हा हा हा हा हा ..
( रावण ज्यू अन्तर्ध्यान है ग्याय )
विनोद पन्त 'खन्तोली '
मैलि पछाण हाल . बिलकुल वी पुराण गेटअप में दस ख्वार बीस हाथ . भयंकर डील डौल . मेकें देखते ही हा हा हा हा हा हा हा करण बैठ गे . बाबाहो मेकें तो तरास जस लागि गे . आवाज इतुक गर्जना वालि भै कि कान टोव जसि पडि गे . जरा मी सामान्य भयूं तो मैलि कोय -
बुबू पैलाग .
रावण - को छै रे तू ...? और मैं तेर बुब कसिके भयूं रे . मेर तो खानदान रामचन्द्र ज्यू लि मारि हालछी .
मैलि कौ - हाय , कसि बात करनौछा .. तुम ले बामण मैं ले बामण . यो रिश्तैलि तुम म्यार बडबाज्यू हैगेया .
रावण - (गुस्स में ऐबेर ) - कां तु डेढ हड्डी क कां मी डील डौल वाल . कां तुम लिन् बामण और कां मी वेद शास्त्रनक पारंगत प्रकांड पडित .. कां जोडनछै रे मेर दगाड रिश्त ...त्वकें एक सकल्प करूण ले भलिके नि उन हुन्योल रनकारा . मील रावण संहिता जस ग्रन्थ रचि भै .. शिव तान्डव स्त्रोत क नाम सुणी राखछै नै . ? वीकि रचना मैलि करी . उ त्वेकैं शुद्ध पढण ले नि आ . मैं तो कवि ले छ्यूं .. कतु कला न में पारंगत .. मेर जस को भो यो ब्रह्माण्ड में .
मैलि कौ - उ .. कवि तो मैं ले छ्यू . तुमरि चारि मैं ले उच्च कुल में पैद हयी छ्यूं . मैं उच्चकुलीन ठुल धोति क बामण भयूं कुमायूं मण्डलक .
रावण - आब जतुक कवि छन सब मेर नाति थोडि है जाल .. और उच्च कुल में हैबेर त्वीलि कि करि राखौ अनोखै . तु पैद है पडी भये उच्च कुल में . त्योर के योगदान नै .
मैलि कौ - मैं ले तुमरि चारि भुटुवा लैग पीस कलेजी वगैरह सब पचकै जानू . कबै कबै द्वि चार पैग ले मारि ल्यूं . अगरेजी देसी जि मिल जाओ .. मतलब जछैं तुम सुरा या मदिरा कूंछा ..
रावण - यार तौ मांस मदिरा क चक्कर में तो मैॆ बरबाद भयीं . बामण कुल बटी सिद्द राक्षस कुल में ट्रांसफर है पडौ . मति भ्रष्ट भै सो अलग ... हां यो रिश्तैलि आब तु मेर नाति हैगये .. बामण हैबेर मी ले मांस मदिरा सेवन करछ्यूं और तु ले करछै .
मैंलि कौ - पैं मैं तुमन छैं बुबू कै सकूं ..
रावण - होय होय किलै नै ..
मैलि कौ - बुबू हम तुमन कैं हर साल मारनू और दशहरा मैदान में फुकि दिनू . तुम फिर ज्यून है जांछा कि बात .
रावण - हा हा हा हा हा . मेकें मारण तुमर बसक नहांति नाती .. मेकें मारणा लिजी भगवान कें पृथ्वी पर उण पडौ . अवतार लिण पडौ . इन्सान बणण पडौ .. तुम शैतान लोग मेकें कसिके मारला .. तुमन में तो मेर हैबेर ज्यादा अवगुण छन . मैं तो अत्याचार करछ्यूं तुम बलात्कार ले करछा . मेकें मारणा लिजी राम चैं . तुम राम कां बटी लाला ..तुमैलि तो रामचन्द्र ज्यू क कुड उधारि हालौ . उनन कें तिरपाल ढकै हालौ . रामचन्द्र ज्यू कैं कोर्ट कच्चहैरि में ठाड करि हालौ . उनर जन्म कां भो तुम तो यो ले भुलि गेछा .. नै नाति तुम मेकैं नै मार सकना .. मी तुमार भीतर पैठ रयूं .. कसिके मारला ..
मैलि कौ - तास फसक नि करो हो बुबू .. मेकैं डर लागणै .
रावण - बस अल्लै बटी डर गोछै .. आजि तो कलियुगक पैलै चरण छ .. अघिल अघिल कि होल सोचि ले .
मैं लि कौ - बस बस रूण दिओ हो ... मेर लैक के काम छ तो बताओ ..
रावण -ख्वारपीड हैगे जरा मेडिकल बटी एक डिस्प्रिनक पत्त लै दे .
(मैलि जेब बटी द्वि गोलि डिस्प्रिनाक निकालिबेर )
लिओ पाणी में छोई बेरि नेई लिओ .. अल्लै ठीक हैजालि ख्वारपीड . ज्यादा झन खाया द्वि गोलि हैबेर ...किडनी में असर करैं बल .
रावण - ( गुस्स में ) काणि चेला मेर दस ख्वारन में पीड हैरै पुर पत्त ला कूडयूं . फटाफट ला नतर तलवारैलि तेर ..
मैं - अरे किडनी तो एक्कै हनेलि . डैमेज हैजालि . तुम यस करो नवरत्न तेल चुपडो .. वीलि ठीक हैजालि . आयुर्वेदिक छ .
रावण - नवरत्न तेलैलि ठीक है जाले .. त्वील अजमा छै कबै .. त्यार भोछै ठीक . ??
मैं - नै हो म्यार तो नै भै ठीक . अमिताब बचन कूं टी बी में .. तबै कूण लागि रयूं .
रावण - बज्जर पडि जाल तेर तेल त्योर अमिताभ . त्योर डिस्प्रीन . मी आब सुशेन बैद्य छै मगूं दवाई ... तु तब तक मेकैं फुकणैं तैयारी कर .. करि ली आपुण मनैकि मनकैसि .. लेकिन याद धरिये . मी अघिल साल आजि उल ....
हा हा हा हा हा हा .. अहं ब्रह्मास्मि .. हा हा हा हा हा ..
( रावण ज्यू अन्तर्ध्यान है ग्याय )
विनोद पन्त 'खन्तोली '
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